*अम्बिका मंदिर में उमड़े श्रद्धालु,पूजा अर्चना के साथ महिलाएं ने किया भजन-कीर्तन*

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*सुमेरपुर* सुमेरपुर उपखण्ड क्षेत्र के साण्डेराव कस्बे के अम्बिका मंदिर परिसर में चैत्र नवरात्रा महोत्सव के तहत घट स्थापना के दुसरे दिन सोमवार को संत मनसुख हिरापुरी महाराज के पावन सानिध्य में वैद पंडितों एवं मंदिर के पुजारी द्वारा माताजी की प्रतिमा पर अभिषेक के बाद विशेष श्रृंगार कर फुलमालाओ से सजाकर पूजा अर्चना के बाद दुर्गा पाठ,दुर्गा सप्तशती पाठ,दुर्गा चालीसा किया गया।यहां माता के दर्शनों का लाभ लेने के लिए ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से कंचन बहन,उमा बहन,अखिल भारतीय मेवाड़ा क्षत्रिय कलाल समाज में राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश शाह मेवाड़ा, रुपचंद मेवाड़ा,लालचंद गहलोत, प्रकाश मेवाडा मुंडारा सहित दूर दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तगण पहुंचे। यही सुआ कंवर एवं रेखा सैन एण्ड पार्टी की महिलाओं ने माॅ भवानी के एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुतियों के साथ माताजी की झांकियों की प्रस्तुतियां पेश कर वातावरण को भक्ति मय बना दिया।

*कामवासना में फंसे व्यक्ति का ध्यान धर्म कार्यों में नहीं रहता:-हिरापुरी*

ज्योतिषाचार्य संत मनसुख हिरापुरी महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को अपने प्रवचनों में कहा कि जो व्यक्ति कामवासना में फंस जाता है फिर उसका ध्यान धर्म कार्यों में नहीं रहता। संत महात्माओ के पास साधना की शक्ति होती है। वे इस शक्ति से हमारे मन व हमारे भाव को समझ सकते हैं और नियंत्रित भी कर सकते हैं। क्रोधित व विचलित व्यक्ति भी संत मुनियों के प्रभाव में आने से शांत हो जाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि आग के दौर में लोग थोड़ी देर अकेले रहने से बोर हो जाते हैं ऐसे में उन्हें बता दे कि साधु,संत कभी बोर नहीं होते। वे हमेशा साधना में लीन रहते हैं। चैत्रीय नवरात्रा का यह समय यह आत्ममंथन करने का समय है कि हमें अपने जीवन में क्या-क्या परिवर्तन लाना है किसी प्रकार भक्ति व धर्म से जुडा है इस पर विचार करना चाहिए।

*संत-महात्माओं की पावन निश्रा में शांति पाठ, हवन-यज्ञ व महाप्रसाद के साथ हुए धार्मिक आयोजन*

*साण्डेराव-* संत-महात्माओं की पावन निश्रा मे अम्बिका मंदिर में गुरु शिष्या श्रीमती सायरी देवी मेवाड़ा साण्डेराव की पुण्यतिथि पर उपस्थित श्री मेवाड़ा क्षत्रिय कलाल‌ समाज बंधुओं व गुरु भक्तों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने की कामना करते हैं पुष्पांजलि अर्पित की।

सुबह 11 बजे बाल भोग के साथ ही स्कूलों के बाल-गोपालो से महाप्रसादी का आयोजन शुरू हुआ जो शाम को चार बजे तक चलता रहा।

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Author: 1st Bharat News

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